MPPCHS क्लेम रिजेक्ट होने पर क्या करें? — कारण, बचाव और अपील
Last Updated: जुलाई 2026 | MPPGCL सर्कुलर पर आधारित
MPPCHS (मध्य प्रदेश पावर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना) में क्लेम करना काफी सरल है — लेकिन कभी-कभी कुछ कारणों से क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं, बस सही जानकारी और समय पर कदम उठाना जरूरी है।
इस लेख में जानें — क्लेम रिजेक्ट होने के मुख्य कारण क्या हैं, उनसे कैसे बचें, और रिजेक्शन के बाद क्या करें।
क्लेम रिजेक्ट होने के मुख्य कारण
1. अस्पताल नेटवर्क में नहीं था
यह सबसे आम कारण है। अगर आप किसी Non-Network अस्पताल में भर्ती हुए और कैशलेस क्लेम के लिए आवेदन किया, तो वह स्वीकार नहीं होगा। Non-Network अस्पताल में इलाज करने पर Reimbursement (प्रतिपूर्ति) की प्रक्रिया अलग होती है।
2. इलाज Exclusion List में था
MPPCHS में कुछ इलाज कवर नहीं होते:
- OPD (बाहरी रोगी) इलाज
- कॉस्मेटिक / सौंदर्य सर्जरी
- नशे / मादक पदार्थ से जुड़ी बीमारियां
- IVF और बांझपन उपचार
- अप्रमाणित / वैज्ञानिक आधार-रहित उपचार
3. Pre-Authorization नहीं लिया
Planned (पहले से तय) treatment के लिए ISA से पहले अनुमति (Pre-Authorization) लेना जरूरी है। बिना इसके कैशलेस क्लेम अटक सकता है।
4. दस्तावेज अधूरे या गलत
- Original bills नहीं हैं
- Discharge Summary / Doctor Certificate गायब है
- ISA को तय समय-सीमा में दस्तावेज नहीं भेजे
5. अंशदान बकाया था
अगर उस महीने वेतन से MPPCHS का premium नहीं कटा या बकाया चल रहा था, तो उस अवधि में क्लेम अमान्य हो सकता है।
6. Waiting Period
कुछ बीमारियों के लिए Waiting Period (प्रतीक्षा अवधि) का प्रावधान हो सकता है जिसमें क्लेम नहीं मिलता।
क्लेम रिजेक्शन से बचने के उपाय
✅ भर्ती होने से पहले:
- अस्पताल का नेटवर्क स्टेटस ISA कॉल सेंटर से verify करें
- Health Card हमेशा साथ रखें
- Planned treatment के लिए पहले से Pre-Authorization लें
✅ भर्ती होने के बाद:
- अस्पताल में ISA/TPA काउंटर पर रजिस्ट्रेशन करें
- सभी बिल, रिपोर्ट, Discharge Summary की original कॉपी रखें
- इलाज MPPCHS के Inclusion List में है या नहीं, पहले से जांचें
✅ डिस्चार्ज के बाद:
- Reimbursement क्लेम समय-सीमा के भीतर जमा करें
- सभी दस्तावेज पूरे और सही हों
क्लेम रिजेक्ट होने पर — कदम-दर-कदम क्या करें
Step 1: रिजेक्शन का कारण जानें
ISA से लिखित में रिजेक्शन का कारण मांगें। बिना कारण जाने आगे की कार्रवाई संभव नहीं।
Step 2: दस्तावेज फिर से जांचें
क्या कोई दस्तावेज छूट गया था? क्या बिल में कोई गड़बड़ी थी? अगर दस्तावेज की कमी से रिजेक्ट हुआ है, तो अधूरे दस्तावेज जमा कर दोबारा apply करें।
Step 3: ISA हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें
ISA 24x7 हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करें। शिकायत नंबर (Complaint Reference Number) जरूर लें।
Step 4: नोडल अधिकारी से संपर्क करें
अगर ISA से समाधान नहीं हुआ, तो अपनी पावर कंपनी (MPPGCL / MPPKVVCL / MPTransco आदि) के MPPCHS नोडल अधिकारी को लिखित में शिकायत दें।
Step 5: CHSC (Central Health Scheme Committee) को अपील
गंभीर मामलों में CHSC (केंद्रीय स्वास्थ्य योजना समिति) के सामने अपील की जा सकती है। यह योजना में संशोधन और विवाद समाधान के लिए अधिकृत समिति है।
Non-Network अस्पताल में इलाज — Reimbursement कैसे मिलेगा?
अगर आपने किसी Non-Network या सरकारी अस्पताल में इलाज कराया (Emergency में या अन्य कारण से), तो पहले खुद भुगतान करें और बाद में ISA के माध्यम से Reimbursement क्लेम करें।
Reimbursement की प्रक्रिया:
- सभी original बिल, रिपोर्ट, Discharge Summary इकट्ठा करें
- ISA का Reimbursement Claim Form भरें
- निर्धारित समय-सीमा में दस्तावेज ISA को जमा करें
- Reimbursement CGHS Plus दरों के अनुसार होगा (अस्पताल ने जो भी चार्ज किया हो, उससे ज्यादा नहीं)
- Payment वेतन/पेंशन के साथ या सीधे बैंक खाते में मिलेगा
Emergency में: अगर मरीज की स्थिति गंभीर हो और वह नेटवर्क अस्पताल नहीं पहुंच सकता, तो पास के किसी भी अस्पताल में भर्ती हो सकते हैं। डिस्चार्ज के बाद नियमानुसार Reimbursement क्लेम करें।
जरूरी बातें जो याद रखें
- No Claim Bonus: पूरे साल कोई क्लेम नहीं करने पर अगले साल कवरेज में 5% बढ़ोत्तरी होती है (अधिकतम 50% तक)
- Co-Pay: श्रेणी-3, 4, 5 के अस्पतालों में Co-Pay होता है जिसकी प्रतिपूर्ति नहीं होती
- Domiciliary: घर में इलाज की स्थिति में ₹50,000/वर्ष तक का कवर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: क्लेम जमा करने की समय-सीमा कितनी होती है? A: आधिकारिक Reimbursement की समय-सीमा के लिए ISA की गाइडलाइन देखें। आमतौर पर Discharge के 30-90 दिन के भीतर क्लेम करना होता है।
Q: क्लेम रिजेक्ट होने पर क्या कोई अपील हो सकती है? A: हां। पहले ISA हेल्पलाइन, फिर नोडल अधिकारी, फिर CHSC के पास अपील कर सकते हैं।
Q: क्या Reimbursement में पूरे पैसे मिलते हैं? A: CGHS Plus दरों तक ही Reimbursement होता है। अगर आपने उससे ज्यादा किसी प्राइवेट अस्पताल में भरे हैं, तो पूरे पैसे नहीं मिलेंगे।
Q: अगर ISA कॉल नहीं उठाए तो? A: अपनी पावर कंपनी के नोडल अधिकारी को लिखित शिकायत दें और MPPCHS पोर्टल पर Grievance दर्ज करें।
निष्कर्ष
MPPCHS में क्लेम रिजेक्शन से बचने का सबसे आसान तरीका है — पहले से तैयारी करना। सही अस्पताल चुनें, Pre-Authorization लें, Health Card साथ रखें और सभी दस्तावेज संभाल कर रखें। फिर भी अगर क्लेम रिजेक्ट हो, तो घबराएं नहीं — ISA और नोडल अधिकारी आपकी मदद के लिए हैं।
अस्वीकरण: यह वेबसाइट MPPCHS की आधिकारिक साइट नहीं है और न ही MPPKVVCL/MPPGCL/MP सरकार से संबद्ध है। यहां दी गई जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया mppchs.mpez.co.in या संबंधित कंपनी के कार्यालय से संपर्क करें।
